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पार्षद पर लगा आंकड़ा छिपाने का आरोप
कोलकाता। खिदिरपुर बाजार में रविवार रात लगी भीषण आग को लेकर अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर भी विवाद छिड़ गया है। दमकल मंत्री सुजीत बोस जब सोमवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे, तब उन्हें स्थानीय व्यवसायियों और निवासियों के गुस्से का सामना करना पड़ा। लोगों ने आरोपों की झड़ी लगा दी और मंत्री के साथ तीखी बहस तक हो गई। जहां स्थानीय पार्षद का कहना है कि लगभग 400 दुकानें ही जलकर खाक हुई हैं तो वहीं व्यवसायियों का दावा है कि यह संख्या कम से कम 1300 है। आग की भयावहता को देखते हुए व्यापारी इस बात पर अड़े हैं कि पूरा इलाका जलकर राख हो चुका है और नुकसान का आंकलन पार्षद द्वारा जानबूझकर कम करके बताया जा रहा है। व्यवसायियों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि रविवार रात करीब 2 बजे जब आग लगी, उसी वक्त दमकल विभाग को सूचना दे दी गई थी। लेकिन दमकल की पहली गाडिय़ाँ करीब तीन घंटे की देरी से पहुंचीं। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले केवल 2 इंजन पहुंचे थे, जिनमें पानी की भी व्यवस्था नहीं थी। इसी वजह से आग तेजी से फैलती चली गई।
मौके पर पहुंचे दमकल मंत्री सुजीत बोस को लोगों ने घेर लिया और सवालों की बौछार कर दी। गुस्साए लोगों ने कहा कि अगर दमकल समय पर आती, तो इतना नुकसान नहीं होता। इस दौरान मंत्री और स्थानीयों के बीच खुलकर बहस भी हुई। जवाब में मंत्री बोस ने कहा कि दमकल को आने में जितना समय सामान्य तौर पर लगता है, उतना ही समय लगा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाजार की कई दुकानें अवैध रूप से बनाई गई थीं, जिससे बचाव कार्य में बाधा आई।
साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब आग फैलने का कोई खतरा नहीं है, क्योंकि पास के आदी गंगा से पानी की व्यवस्था कर ली गई है। खिदिरपुर बाजार की यह भीषण आग अब न केवल व्यापारियों की आजीविका को जला चुकी है, बल्कि सरकारी व्यवस्था और दमकल विभाग की तैयारियों पर भी गंभीर सवाल खड़े कर रही है। दुकानों की संख्या को लेकर सरकारी और स्थानीय दावों में भारी अंतर से इस मुद्दे पर और भी विवाद बढ़ सकता है।